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An Indian Morning

An Indian Morning
Sunday May 12th, 2019 with Dr. Harsha V. Dehejia and Kishore "Kish" Sampat
An Indian Morning celebrates not only the music of India but equally its various arts and artisans, poets and potters, kings and patriots. The first 30 minutes of the program features classical, religious as well as regional and popular music. The second

An Indian Morning celebrates not only the music of India but equally its various arts and artisans, poets and potters, kings and patriots. The first 30 minutes of the program features classical, religious as well as regional and popular music. The second one hour features community announcements and ear pleasing music from old/new & popular Indian films. The ethos of the program is summarized by its signature closing line, "Seeking the spirit of India, Jai Hind" 01-HAPPY MOTHER’S DAY CD MISC-20190512 TRACK#01 0:53 MOTHER’S DAY SPECIAL; MUKUL HINDI SCHOOL https://www.dropbox.com/s/kbzk6uc4cbq97fp/01-Mukul%20Mothers%20Day.mp3?dl=0 02-MERI DUNIYA HAI MAA TERE AANCHAL MEIN CD MISC-20190512 TRACK#02 3:33 TALASH-1969; SACHIN DEV BURMAN; S. D. BURMAN; MAJROOH https://www.youtube.com/watch?v=1kTdS_v1pj8 एक बार फिर हार्दिक अभिनंदन आप सबका, शुक्रिया, घन्यवाद और Thank You इस प्रोग्राम को सुनने के लिए Happy Mother’s Day! मातृत्व दिन अभिनंदन। यूँ तो यह माना जाता है कि कवि किसी भी विषय पर लिख सकता है, अपने भाव व्यक्त कर सकता है और अमूमन ऎसा होता भी है। लेकिन दुनिया में अकेली एक ऎसी चीज है जिसे आज तक कोई भी शब्दों में बाँध नहीं सका है। और उस शय का नाम है "माँ"। माँ....जो बच्चे के मुख से निकला पहला शब्द होता है और शायद अंतिम भी, माँ जो हर रोज सुबह को जगाती है और शाम को चादर दे सुला देती है, माँ जो हर कुछ में है लेकिन ऎसा व्यक्त करती है मानो कुछ में भी न हो। माँ.......जो पिता का संबल है, बेटे की जिद्द है और बेटी की रीढ है ... माँ जो निराशा में आशा की एक किरण है, चोट में मलहम है, धूप में गीली मिट्टी है और ठण्ड में हल्की सी धूप है, माँ .....जो और कुछ नहीं, बस माँ है... बस माँ!! 03- O MAA MERI MAA PYAARI MAA - MAMMAA CD MISC-20190512 TRACK#03 3:32 DASVIDANIYA-2008; KAILASH KHER https://www.youtube.com/watch?v=uAdfBo98kJA “An Indian Morning” के सभी दोस्तों को हमारा सलाम! पैर अनाड़ी, ढूँढे कुल्हाड़ी Pair Anaadi हिंदी सिनेमा में व्यंग्यात्मक गीतों का प्रचलन कम ही रहा है। पर पिछले कुछ सालों में कुछ गीतकार संगीतकार जोड़ियों ने लीक से हटकर कुछ ऐसे गीत भी दिए हैं जिनके तीखे कटाक्ष आज भी मन को गुदगुदाते जरूर हैं। अब इसी श्रेणी में एक और गीत शामिल हो गया है जो जनता की वोट ना देने या फिर वोट बेचने की प्रवृति पर तीखी चोट करता है। ये गीत है फिल्म 'ये है बकरपुर' का। इस समूह गीत को अपनी आवाज़ से सँवारा है Indian Ocean के राहुल राम और अग्नि के आर मोहन व अमित ने। साथ में MTV Roadies में अपने खड़ूस व्यक्तित्व से प्रसिद्धि पाने वाले रघु राम भी हैं। इस गीत को लिखा है अब्बास टॉयरवाला ने। ये वही टॉयरवाला हैं जिनकी फिल्म जाने तू या जाने ना ने जहाँ सफलता की सीढियाँ चढ़ी थीं वहीं झूठा ही सही बॉक्स आफिस पर ढेर हो गई थी। एक पटकथालेखक के रूप में स्थापित टॉयरवाला बतौर गीतकार भी कई बार हाथ आज़मा चुके हैं। अगर अग्नि और इंडियन ओशन की मानें तो इस गीत के असली स्टार वही हैं। गीत में अब्बास टॉयरवाला ने पैर और कुल्हाड़ी को दो मुख्य प्रतीकों के रूप में इस्तेमाल किया है। पैर उस जनता का प्रतीक है जो अपने मताधिकार का प्रयोग सही तरह से ना करने की वज़ह से कुल्हाड़ी रूपी घटिया जनप्रतिनिधि को चुन लेती है। कई बार ये जानते हुए भी कि वो जो कर रही है सही नहीं है। बाद में यही जनता जब अपने भाग्य को कोसती है तो एक कोफ्त सी होती है। जनता की इसी प्रवृति पर टायरवाला ने अपनी कमान कसी है। गीत में जनता और उनके द्वारा चुने हुए गलत नेताओं के बीच के रिश्ते को अब्बास टॉयरवाला मुर्गी और KFC, गेहूँ और चक्की व बकरी और कसाई जैसे मज़ेदार व्यंग्यात्मक रूपकों में देखते हैं। अब्बास टॉयरवाला ने बड़ी खूबसूरती से बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद और भैंस के आगे बीन बजाना जैसे मुहावरे को मरोड़ कर बोल रचे हैं जिसे सुन कर मन मुस्कुराए बिना नहीं रह पाता। तो आइए सुनते हैं पैर अनाड़ी, ढूँढे कुल्हाड़ी… 04-PAIIR ANARI DHUDHE KOOHADI CD MISC-20190512 TRACK#04 3:40 YE HAI BAKRAPUR-2014; RAHUL RAM, AMIT KILAM, RAGHU RAM, K. MOHAN; AGNEE; ABBAS TYREWALA https://www.youtube.com/watch?v=DYgTxZWF_4w मेरी जिंदगी में आये हो-अरमान २००३ सन २००० के बाद फ़िल्मी गीतों में टर्बोचार्जर लगना शुरू हो गया। ऐसे मैंने एक डिस्कशन के दौरान सुना। मेरी इच्छा हुई टर्बो को टर्बिड बोलने की मगर कुछ सोच के चुप रह गया। नए गीतों में शांत किस्म के गीत बहुत कम होते हैं, ऐसे गीत जो आप बिना कान और दिमाग पर जोर दिए सुन सकें। ऐक फिल्म थी काले पीले युग की जिस्में बर्मन दादा का संगीत था। फिर आई कलरफुल युग की अरमान जिसमें बप्पी लहरी का संगीत है-रम्भा हो हो हो वाली अरमान। ये है सन २००३ की अरमान और इसमें शंकर एहसान लॉय का संगीत है। सोनु निगम और सुनिधि चौहान का गाया और जावेद अख्तर का लिखा गीत है ये जिसे ग्रेसी सिंह और अनिल कपूर पर फिल्माया गया है। गीत में अमिताभ बच्चन के दर्शन भी हो जाते हैं। साइकिलिंग अभी भी रोमांटिक है इस गीत से तो हमें यही लगता है। तुमको पा के हँस के गा के, निखरी हैं सँवरी है ज़िन्दगी उजली सुबहें रंगीं शामें, आ गई एक नई दिलकशी हो मान भी लो, रात जो है कहती ये फ़िज़ा जो समझाए मेरी ज़िन्दगी में आए हो … लाए हो तुम 05-MERI ZINDAGI MEIN AAYE HO CD MISC-20190512 TRACK#05 5:12 ARMAAN-2003; SONU NIGAM, SUNIDHI CHAUHAN; SHANKAR-EHSAAN-LOY; JAVED AKHTAR https://www.youtube.com/watch?v=wu25-3mFwL4 गुरु गुलजार की बेसुवादी रतिया में रहमान चिन्मयी की बतिया ! बीते ना बिताई रैना, बिरहा की जाई रैना, भीगी हुई अखियों ने लाख बुझाई रैना.... ....चाँद की बिन्दी वाली, बिन्दी वाली रतियाँ, जागी हुई अखियों में रात ना आई रैना रात का ये तनहा सफर गुलजार के लिए नया नहीं । परिचय के इस गीत की तरह कई बार इन मनोभावों को उभारा है उन्होंने । अब वैसे भी मन का मीत ही साथ ना हो तो शीतल, सलोनी , चाँदनी रात में इश्क का तड़का लगाएगा कौन ! फिर तो वो रात भी फीकी-फीकी बेस्वादी ही होगी ना ! इसी मुखड़े को सजाया है अपनी धुन से संगीतकार ए. आर. रहमान ने । और इसे गाया है रहमान के साथ गायिका चिन्मयी श्रीपदा ने । चिन्मयी बहुभाषाविद हैं, मनोविज्ञान की छात्रा हैं, बचपन से शास्त्रीय संगीत सीख रही हैं और खुशी की बात ये कि वो एक ब्लॉगर भी हैं । इस गीत का सबसे सशक्त पहलू इसकी धुन है जो धीरे धीरे दिलो दिमाग में चढ़ती है और फिर उसके बाद उतरने का नाम नहीं लेती। गीत के बीच की बंदिश और भारतीय वाद्य यंत्रों का प्रयोग मन को खुश कर देने वाला है । रहमान ने इस गीत को नुसरत फतेह अली खाँ को अपनी ओर से श्रृद्धांजलि बताया है । तो चलिए आप सब भी इस मधुर तान का आनंद उठायें । 06-TERE BINA BESUWADI RATIYA CD MISC-20190512 TRACK#06 4:50 GURU-2006; A. R. RAHMAN, CHINMAYE, MURTUZA KHAN, QADIR KHAN; A. R. RAHMAN; GULZAR https://www.youtube.com/watch?v=6YG7H11SUcw हीर हीर ना आँखों¬-जब तक है जान २०१२ ए. आर. रहमान और गुलज़ार की जुगलबंदी बन गयी है कुछ सालों से। शुरूआती के दौर में रहमान ने हिंदी गीतों के लिए महबूब और पी. के. मिश्रा की सेवाएं ज्यादा लीं। “जय हो” के हिट होने और हिट करने (ऑस्कर) के बाद दोनों साथ में फिल्मों में काम करते दिखाई देते हैं। गीतों के लिए गीतकार और संगीतकार की ट्यूनिंग बहुत ज़रूरी है। आज सुनते हैं दोनों के संयुक्त परिश्रम से तैयार एक नगमा फिल्म “जब तक है जान” से। इसे गाया है गायिका हर्षदीप कौर ने। हीर हीर ना आँखों अड़ियो मैं ते साहेबा होई घोड़ी ले के आवे लै जाए घोड़ी ले के आवे लै जाए 07-HEER HEER NAA AANKHON ADIYO CD MISC-20190512 TRACK#07 4:46 JAB TAK HAIN JAAN-2012; HARSHDEEP KAUR; A. R. RAHMAN; GULZAR https://www.youtube.com/watch?v=aNcxgxHcGYg A time-tested tradition in Hindi films has been the presence of male and female versions of a song. The variation on the happy-sad song (the most recent example is Kalank) has resulted in a healthy contest between voices. Who does it better? The male version often appears first in the movie and is filmed better than its follow-up female twin. And yet, when you shut out the visuals and let your ears take the decision, the results can be fascinating, as our survey of a dozen male-female songs proves. Dil Hoom Hoom Kare, Rudaali (1993) Lata Mangeshkar trumped Bhupen Hazarika’s nasal baritone. Mangeshkar’s version is laced with passion and longing and is used in Kalpana Lajmi’s film to underscore the tension between the married royal Lakshman Singh (Raj Babbar) and the low-caste traditional mourner Shanichari (Dimple Kapadia). Hazarika’s rendition doubles up as a happy-sad take on his composition. Shanichari’s heart has been broken both by a separation from Lakshman and the death of her mother. Mangeshkar’s song emphasises unbound happiness, while Hazarika’s voice has the opposite effect. Gulzar’s words convey the contrasting sentiments: “Ek boond kabhi paani ki mori ankhiyon se barsaaye” (female) and “Jis man ko laage naina, voh kisko dikhaaoon” (male). Which is better? You be the judge! 08-DIL HOOM HOOM KARE CD MISC-20190512 TRACK#08 3:35 RUDAALI-1993; LATA MANGESHKAR; BHUPEN HAZARIKA; GULZAR https://www.youtube.com/watch?v=F10aeM9V1Ho 09-DIL HOOM HOOM KARE CD MISC-20190512 TRACK#09 3:56 RUDAALI-1993; BHUPEN HAZARIKA; BHUPEN HAZARIKA; GULZAR https://www.youtube.com/watch?v=qxO1MN67Vtg माँ की अजमत से अच्छा जाम क्या होगा, माँ की खिदमत से अच्छा काम क्या होगा, खुदा ने रख दी हो जिस के कदमों में जन्नत, सोचो उसके सर का मुकाम क्या होगा। =================================== मिट्टी पे दूब-सी, कुहे में धूप-सी, माँ की जाँ है, रातों में रोशनी, ख्वाबों में चाशनी, माँ तो माँ है, चढती संझा, चुल्हे की धाह है, उठती सुबह,फूर्त्ति की थाह है। माँ...खुद में हीं बेपनाह है । ....ऎसी मेरी , उनकी, आपकी, हम सबकी माँ है। 10-MERI PYAARI AMMI JO HAI CD MISC-20190512 TRACK#10 3:15 SECRET SUPERSTAR-2017; MEGHNA MISHRA; AMIT TRIVEDI; KAUSAR MUNIR https://www.youtube.com/watch?v=z4I2H6Mulc0 11-AE MAA TERI SURAT SE ALAG BHAGWAN KI MURAT KYA HOGI CD MISC-20190512 TRACK#11 4:12 DADI MAA-1966; MANNA DEY, MAHENDRA KAPOOR; ROSHAN; MAJROOH SULTANPURI https://www.youtube.com/watch?v=-YRa6t7lb0I 12-NAANI MAA (LORI) CD MISC-20190512 TRACK#12 5:15 MOKSHA-2001; DOMINIQUE; RAJESH ROSHAN; JAVED AKHTAR https://www.youtube.com/watch?v=CAbTfk1syzk THE END समाप्त
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