Skip to Main Content

An Indian Morning
Sunday November 25th, 2018 with Dr. Harsha V. Dehejia and Kishore "Kish" Sampat
An Indian Morning celebrates not only the Music of India but equally its various arts and artisans, poets and potters, kings and patriots. The first half of the program features classical and religious music as well as regional and popular music. The seco

An Indian Morning celebrates not only the Music of India but equally its various arts and artisans, poets and potters, kings and patriots. The first half of the program features classical and religious music as well as regional and popular music. The second half features community announcements, Ghazals, Themes, Popular Old & New Bollywood Films music and more. The ethos of the program is summarized by its signature closing line, "Seeking the spirit of India, Jai Hind". “Vande Guru Paramparaam” - spiritual musical series produced by Sri Kuldeep M Pai is a genuine attempt at infusing the abundance of our cultural heritage in the younger generations. What better agency than Music can there be to inspire the young and aged alike? "Moko Kahan Dhundere Bande?", a jewel from Sant Kabir! (A lighter version of Carnatic Raga Bindumalini). Set to tune by Kuldeep M Pai. Vocals by Sooryagayathri, Percussion & Melodic Arrangements by Ganapathi, Flute by Vishnu Vijay. 01-MOKI HAHAN DHUNDE RE BANDE CD MISC-20181125 TRACK#01 5:29 VANDE GURU PARAMPARAAM-2017; SOORYAGAYATHRI; GANAPATHI, KULDEEP M PAI; SANT KABIR https://www.youtube.com/watch?v=kZCgStafklE हार्दिक अभिनंदन आप सबका, शुक्रिया, घन्यावाद और Thank You इस प्रोग्राम को सुनने के लिए। हर रविवार यानी सन्डे की सुबह जब आप आँखे खोलते है तब हमारा उभरता हुआ प्रोग्राम आप की सुबह को खुशनुमा बनाने की कोशिश करता है। उमीद है की आप हर रविवार की आलसायी चाय की चुस्कीयों के साथ हमें सुनना पसंद करेंगे। पिछले महीने जगजीत जी की सातवीं पुण्य तिथि थी जिसे लोग अक्सर किसी की याद का दिन भी कहते हैं पर जगजीत जी कब यादों से जुदा हुए हैं। उनकी आवाज़ का अक़्स तो रुह में नक़्श हो चुका है। जब तब कानों में गूँजती ही रहती है। ग़ज़लों के बेताज बादशाह थे वे। एक ग़ज़ल गायक के आलावा जगजीत जी ने एक डेढ़ दशक तक फिल्मों में भी संगीत दिया। उनके द्वारा संगीत निर्देशित फिल्मों में से ज्यादातर बड़े बजट की फिल्में नहीं थीं। कुछ तो ठीक से देश भर में प्रदर्शित भी नहीं हुई इसलिए उनके गाने भी आम लोगों तक उस तरह नहीं पहुँचे जैसे उनके एलबम्स की ग़ज़लें पहुँचती थीं। इसलिए मैंने सोचा कि क्यूँ ना आपको उनके कुछ सुने और अनसुने संगीतबद्ध फिल्मी गीतों से मिलवाया जाए। इस सिलसिले की शुरुआत एक ऐसे गीत जिसे शायद ही किसी ने ना सुना हो और जिससे मेरी व्यक्तिगत यादें जुड़ी हैं। बतौर संगीत निर्देशक उनकी पहली और सबसे नामी फिल्म प्रेम गीत (1981) थी। ऐसा नहीं है कि प्रेम गीत से पहले सत्तर के दशक में उन्होंने संगीत निर्देशन नहीं किया था। उन्हें इस दौरान कुछ फिल्में मिली भी पर वो कभी रुपहले पर्दे का मुँह नहीं देख पायीं और बनने के पहले ही बंद हो गयीं। उनकी गायी मशहूर नज़्म "बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी.." को तो उन्होंने एक फिल्म के लिए गायक भूपेंद्र की आवाज़ में रिकार्ड भी कर लिया था। उनके ऐसे कई संगीतबद्ध नग्मे अनसुने ही रह गए। प्रेम गीत ने सब कुछ बदल कर रख दिया। The Unforgettables की सफलता के बाद उनकी आवाज़ और संगीत की जादूगरी की खनक फिल्मी दुनिया में फैल चुकी थी। जहाँ तक मुझे याद है कि जगजीत जी का गाया सबसे पहला फिल्मी गीत जो मैंने सुना था वो इसी फिल्म का था। जी हाँ होठों से छू लो तुम मेरा गीत अमर कर दो। उस वक़्त क्या रेडियो क्या नुक्कड़ और क्या स्कूल सब जगह इसी गीत के चर्चे थे। इतने प्यारे, सहज और सच्चे शब्द थे इस गीत के कि सीधे दिल पर लगे थे। गीतकार के लिहाज से इस गीत के लिए इंदीवर की जितनी प्रशंसा की जाए कम होगी। जिस तरह शैलेंद्र आम से लहजे में गहरी बात कह देते थे उसी तरह इंदीवर ने इतने सीमित शब्दों में इस गीत के माध्यम से सच्चे प्रेम की जो परिभाषा गढ़ी वो नायाब थी। 02-HOTHON SE CHHO LO TUM MERA GEET AMAR KAR DO CD MISC-20181125 TRACK#02 4:27 PREM GEET-1981; JAGJIT SINGH; INDEEVAR https://www.youtube.com/watch?v=dDO9ZRSNB9s तुम्हें जो भी देख लेगा-मजबूर १९६४ मजबूर फिल्म का ये गीत सुन के श्रोता ये समझने पर भी मजबूर हो जाता है कि इसका संगीत हेमंत कुमार द्वारा दिया गया है। विश्वजीत फिल्म के हीरो हैं और इस गीत का मामला भी कुछ कुछ बीस साल बाद इश्टाईल का हैं। गीत कुछ कुछ यूँ है मानो एक बकरी कल्याणजी आनंदजी के बाडे की घास चरते चरते हेमंत कुमार के बाडे में घुस गयी हो। संगीत संयोजन गीत के शुरू का तो कल्याणजी आनंदजी वाला है मगर बाद में हेमंत कुमार के अंदाज़ वाला। बहुत कम गीत ऐसे मिलेंगे आपको जिसमें नायक नायिका किसी तालाब या पोखर में तैरते हुए गीत गा रहे हों। ज्यादा देर पानी में भैंसों को नहाने में दिक्कत नहीं होती मगर इंसानों को होती है, जिन्हें ज्यादा मात्रा में एक बार में नहाने की आदत ना हो। ज्यादा ताम झाम नहीं किया गया है इस गीत के लिए। एक ही पोशाक पूरे गीत में दिखलाई देगी आपको नायक और नायिका की। गीत पूरा होते तक शायद कपडे सूख गए होंगे ! गीत लाजवाब है और ऐसी तारीफें करना आज की जनरेशन को कुछ अजीब लगता होगा। 03-TUMHE JO BHI DEKH LEGA CD MISC-20181125 TRACK#03 4:23 MAJBOOR-1964; HEMANT KUMAR; KALYANJI-ANANDJI; INDEEVAR https://www.youtube.com/watch?v=FS9bjW6StU4 जुल्फों को हटा ले चेहरे से-सावन की घटा १९६६ फिल्म सावन की घटा के इस गीत में गायन के जोड़-बाकी-जमा-घटा सब मौजूद हैं। नैयर और रफ़ी के कोम्बिनेशन के गीतों की प्रशंसा करते समय इन दोनों के भक्त रोमांटिक या सोफ्ट किस्म के गीत चुनते हैं या तेज गति वाले वे गीत जिनके बोल उन्हें थोड़े सोबर सुनाई देते हैं। प्रस्तुत गीत लिखा है एस एच बिहारी ने। आप वीडियो देखें या ना देखें इस गीत के प्रभाव में कोई फर्क नहीं आता है। वैसे इसे बड़े परदे पर देखने का सौभाग्य अगर आपको कभी मिला है तो आपको मालूम होगा इसे देखने एक आनंददायी अनुभव है। इस गीत का फिल्मांकन बेहतर है और गीत में जितना नायक प्रसन्न है उतनी ही नायिका खिन्न। ये भाव गीत के अंत तक स्थायी जैसा है। दर्शक बेचारा यही सोचता रह जाता है आखिर को नायिका इतने गुस्से में क्यों है? गायक की पूरी कसरत करा देता है ये गीत। क्या है फिर, शर्मिंदा और ‘मुंह काला’ जैसे शब्दों की वजह से इसको आप खुले आम नहीं सुन सकते। खुले आम बजता तो है ही ये। उस समय के हिसाब से ये गीत थोडा बोल्ड हो सकता है और बदलते समय की मांग जैसा है। ये बेहद लोकप्रिय गीत है और इस तथ्य को आप नकार नहीं सकते। एक अच्छे गीत के साथ एक अच्छी धुन भी है और इस धुन में आपको नैयर के संगीत का निचोड़ मिल जायेगा। गीत के अंत में एक बांसुरी के टुकड़े से इसका कोमल ‘द एंड’ किया गया है जो एक कातिलाना अंदाज़ है नैयर का। कुल मिला कर इस गीत में तरह तरह के कंट्रास्ट हैं। और जो ‘होने दे’ गाया जाता है जोर और घुमाव दे कर उसे परफेक्ट गाने के लिए आज तक सैकड़ों रफ़ी क्लोन तरस रहे हैं। 04-ZULFON KO HATA LE CHEHRE SE CD MISC-20181125 TRACK#04 3:58 SAWAN KI GHATA-1966; MOHAMMAD RAFI; O. P. NAYYAR; S. H. BIHARI https://www.youtube.com/watch?v=jW2lP3aC0NA&feature=youtu.be ए फँसा-बॉबी १९७३ फिल्म बॉबी का प्रस्तुत गीत आनंद बक्षी की कविता सरीखा है जो शायद उन्होंने प्रेम करने वालों की व्यथा पर लिखी हो। इस गीत की पंक्तियाँ किसी आधुनिक कविता की तरह हैं। सुनने में धुन थोड़ी अटपटी सी लगती है मगर अपने अनोखेपन की वजह से ही ये गीत लोकप्रिय हुआ। “ऐ फंसा” जैसे शब्दों से शुरू होने वाला कोई गीत जनता ने इसके पहले तक नहीं सुना था। नायक को टीज़ किया जा रहा है इस गीत के जरिये और आगाह किया जा रहा है उसके क्रियाकलापों के अंजाम के लिए। 05-AE PHANSA CD MISC-20181128 TRACK#05 4:26 BOBBY-1973; LATA MANGESHKAR; LAXMIKANT-PYARELAL; ANAND BAKSHI https://www.youtube.com/watch?v=bVXO-SpwwTk There are club songs in Indian films performed either by designated dancers or stars making a special appearance. Then there is the Helen song, a genre unto itself. Helen didn’t invent the club number but she owned it through her fabulous footwork, exotic looks, even more exotic costumes and irresistible grin. Born in Burma on November 21, 1938, to a Burmese mother and an Anglo-Indian father, Helen arrived in India along with her family in 1943 during WW II. She started out as a chorus dancer in the early 1950s, and made her breakthrough as a solo dancer in Howrah Bridge (1958). Till the late ’80s, Helen was a key element of all kinds of films across languages and genres, appearing either in solo dance numbers or a vamp. Here are ten of her most memorable songs. Mera Naam Chin Chin Chu, Howrah Bridge (1958) The breakthrough number, sung by Geeta Dutt, composed by OP Nayyar, and performed with gusto by Helen pretending to be a Chinese dancer. 06-MERA NAAM CHIN CHIN CHU CD MISC-20181125 TRACK#06 4:36 HOWRAH BRIDGE-1958; GEETA DUTT; O. P. NAYYAR; QAMAR JALALABADI https://www.youtube.com/watch?v=cQjXKdyp_wM Huzoor Is Kadar is a song from the 1983 movie Masoom starring Naseeruddin Shah, Shabana Azmi, Tanuja, Urmila Matondkar and Jugal Hansraj. Take a listen to this beautiful superhit song. 07-HUZOOR IS KADAR BHI NA ITRAKAR CHALIYE CD MISC-20181125 TRACK#07 5:01 MASOOM-1983; BHUPINDER SINGH, SURESH WADKAR; R. D. BURMAN; GULZAR https://www.youtube.com/watch?v=wM1kBO2lrYQ ताजा सुर-ताल SWEETHEART-Kedarnath Kedarnath song Sweetheart is out now. After the devotional Namo Namo, the second track from Kedarnath is foot-tapping. It features Sara Ali Khan and Sushant Singh Rajput with their dancing shoes on. After the trailer which has received a fair amount of critical acclaim and the devotional track Namo Namo, which received a lot of acclaim on social media, the makers of Kedarnath have released the second track from their film. Unlike the first one, this one also features Sara Ali Khan and the icing on the cake is that she is seen shaking a leg with Sushant Singh Rajput. Filmed on a wedding like setting, the track is amped by Sushant Singh Rajput's dance moves. And he shares a good chemistry with Sara Ali Khan. Even though, the lyrics by Amitabh Bhattacharya are questionable, the music by Amit Trivedi saves this one from being a disappointment. Sung by Dev Negi, Sweetheart is foot-tapping, though it isn't anything unique or new. Talking about Sara Ali Khan, she looks gorgeous and has a good screen presence. The movie releases on December 7. 08-SWEETHEART CD MISC-20181125 TRACK#08 2:22 KEDARNATH-2018; DEV NEGI; AMIT TRIVEDI; AMITABH BHATTACHARYA https://www.youtube.com/watch?v=lxcjV59jsoA सुरैया There is certain grandeur in the way 'Suraiyya' begins, a song that brings together Katrina Kaif and Aamir Khan. Yet again, one is transported back in the era of the 40s and the 50s when such English-Hindi fusion music was in the vogue. Of course, the film is set much back in time and since one hasn't really heard how the music was during the 1800s, one has to live with what is in the offering. Vishal Dadlani and Shreya Ghoshal come together to create the mood and feel of the time gone by but overall the tune doesn't really excite much beyond a point. 09-SURAIYYA CD MISC-20181125 TRACK#09 3:46 THUGS OF HINDOSTAN-2018; VISHAL DADLANI, SHREYA GHOSHAL; AJAY-ATUL; AMITABH BHATTACHARYA https://www.youtube.com/watch?v=vwm_gOZkyM4 आज से तेरी It is a beautiful start to the song as the sound of 'dholki' with a 'shehnai' in the background reminds one of the kind of music that Nadeem-Shravan made aplenty back in the 90s and the 2000s. In fact, it is quite credible to hear Amit Trivedi come up with 'Aaj Se Teri' which is just not the kind of melody that one usually associates with him. Nonetheless, this is a beautiful piece with some simple lyrics by Kausar Munit further accentuated by the manner in which Arijit Singh sings this one. Easy on the ears and finding a quick place on the lips, this one stays with you for days after you have heard it just a couple of times. 10-AAJ SE TERI CD MISC-20181125 TRACK#10 5:20 PADMAN-2018; ARIJIT SINGH; AMIT TRIVEDI; ARIJIT SINGH https://www.youtube.com/watch?v=NFsEqOBG51M THE END समाप्त
There are no tracks in this playlist.
Interactive CKCU